बांदा, अप्रैल 9 -- बांदा। सर्दी व जुकाम से लेकर पथरी और कैंसर तक में अब लोगों का रुझान अब होम्योपैथ की ओर बढ़ रहा है। खासकर कोरोना काल के बाद होम्योपैथ के अस्पताल हों या दवा की दुकानें, सभी जगह भीड़ नजर आने लगी है। होम्योपैथ में तत्काल दर्द से राहत को छोड़कर बड़े से मर्ज जड़ से खत्म करने की क्षमता है। यह सस्ती और अचूक दवा अब गरीब ही नहीं अमीरों के गंभीर मर्जों में राहत दे रही है। इस पद्धति में स्किन, डिप्रेशन, हायपर, कैंसर, बात, गठिया, पीलिया, लीवर व पुरानी पेचिस जैसे मर्ज आसानी से ठीक होते हैं। आपके अपने हिन्दुस्तान ने होम्योपैथ इलाज को लेकर डाक्टरों व मरीजों से इस संबंध में बातचीत की। होम्योपैथ चिकित्सकों ने बताया कि अब एलोपैथ के साथ होम्योपैथ में भी तरह-तरह के अनुसंधान हो रहे हैं। होम्योपैथिक तकनीकी रूप से सशक्त हो रही है। आयुष विश्ववि...