गुड़गांव, मार्च 3 -- गुरुग्राम। साइबर सिटी के रूप में पहचान बना चुके गुरुग्राम में अब एक और चिंता तेजी से उभर रही है-बचपन में बढ़ता मोटापा। बीते कुछ वर्षों में शहर के अस्पतालों और स्कूलों से जो आंकड़े सामने आए हैं, वे संकेत दे रहे हैं कि कम उम्र में ही बच्चों का वजन सामान्य सीमा से बाहर जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या केवल खानपान तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलती जीवनशैली, स्क्रीन टाइम और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसका बड़ा कारण बन रही है। चमचमाते मॉल, फास्ट फूड आउटलेट्स, हाई-टेक लाइफस्टाइल और व्यस्त दिनचर्या के बीच यहां के बच्चों में मोटापे के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। जिले के सरकारी अस्पताल की बात करें तो यहां के आंकड़ों के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 5 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 14-20% बच्चे ओवरवेट या मोटापे की श्रेणी में आ चु...