विश्व में अशांति का कारण है मनुष्यों का धर्म से दूर होना
बेगुसराय, अप्रैल 19 -- गढ़हरा(बरौनी), एक संवाददाता। अभेदानंद आश्रम आर्य समाज मंदिर बारो में रविवार को विश्व शांति के लिए देवयज्ञ का आयोजन हुआ। हरियाणा करनाल से पधारे स्वामी दयानंद विदेह ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व में अशांति फैली हुई है। लोग एक दूसरो के खून के प्यासे हो गए हैं। विश्व में अशांति का मूल कारण मनुष्यों का धर्म से दूर होना ही है। कहा कि जिस प्रकार आत्मा के बिना मनुष्य जीवित नहीं रह सकता। उसी प्रकार धर्म (नैतिक आचरण) के बिना मनुष्य का भी कोई महत्व नहीं रह जाता। धर्म आचरण की वस्तु है। धर्म केवल प्रवचन और वाद-विवाद का विषय नहीं। केवल तर्क-वितर्क में उलझे रहना धार्मिक होने का लक्षण नहीं है। धर्म किसी संगठित लोगों के समुह का नाम नहीं व ना ही अभिमान वो गर्व करने की वस्तु है। धर्म मनुष्य को पशुता के धरातल से ऊपर उठाकर मानवता की ओर ले ...
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