बागपत, सितम्बर 24 -- बागपत। फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों में करीब 75 फीसदी ऐसे हैं, जो धूम्रपान करते रहे हैं। हर महीने लगभग 500 मरीज फेफड़ों से संबंधित परेशानी लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। इनमें करीब 25 फीसदी ऐसे भी हैं, जिन्होंने जीवन में कभी बीड़ी या सिगरेट का सेवन नहीं किया। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार धूम्रपान के साथ धुआं, ट्रैफिक और वायु प्रदूषण भी श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहे हैं। चिंता की बात यह है कि करीब 40 फीसदी मरीज लंबे समय तक खांसी रहने के बावजूद उपचार के लिए नहीं पहुंचे। कई लोग खांसी और सांस फूलने को मौसम में बदलाव, कमजोरी या सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज करते रहे। बागपत जैसे एनसीआर से जुड़े जिले में वाहनों का बढ़ता दबाव, सड़क किनारे धूल और प्रदूषण...