विश्व फिजियोथैरेपी दिवस: आउटडोर गेम से दूरी, कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल बढ़ा रहा दर्द
बांदा, सितम्बर 7 -- बांदा। कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का अधिक इस्तेमाल किशोरों को भी पीठ और कमर दर्द दे रहा है। फिजियोथेरेपी सेंटर पर बुजुर्गों-युवाओं के साथ अब 15 से 18 वर्ष के किशोर भी दिखने लगे हैं। इसके अलावा स्ट्रोक व लकवा के मरीजों में भी इजाफा हो रहा है। इस तरह के दर्द से लोगों को उबारने के लिए फिजियोथैरेपी मददगार साबित हो रही है। जिला अस्पताल के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. सौरभ चौहान बताते हैं कि फिजियोथैरेपी की सुविधा जिला अस्पताल व मंडलीय चिकित्सालय में है। दोनों में हर रोज 130 से 140 लोगों को दर्द से राहत दी जा रही है। यहां निशुल्क फिजियोथैरेपी होती है। अत्याधुनिक मशीनों की सुविधाएं उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर सर्वाइकिल, सोल्डर, घुटने दर्द, पुराना कमर दर्द,साटिका पेन, लकवा स्ट्रोक में फिजियोथेरेपी से दर्द व मर्ज दूर हो जाता ह...
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