मेरठ, अप्रैल 24 -- अप्रैल के अंतिम शनिवार को मनाया जाने वाला विश्व पशु चिकित्सा दिवस इस वर्ष 25 अप्रैल को पशु चिकित्सक: भोजन और स्वास्थ्य के संरक्षक थीम के साथ मनाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, लगभग 75 प्रतिशत उभरते संक्रामक रोग पशु-जनित हैं, जिससे पशु चिकित्सकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत जैसे देश में, जहां पशुपालन ग्रामीण आय का बड़ा स्रोत है। वहां पशु स्वास्थ्य सीधे किसानों की आर्थिक स्थिति और जनस्वास्थ्य से जुड़ा है। सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि रेबीज, ब्रुसेलोसिस और अन्य जूनोटिक रोग गंभीर चुनौती हैं। वहीं, डॉ. अमित वर्मा ने खुरपका-मुंहपका और लंपी रोग से पशुपालकों को हो रहे नुकसान पर चिंता जताई। यह भी पढ़ें- करियर और रोजगार की नई राह खोल रहा पशुचिकित्सा क...
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