बागपत, सितम्बर 26 -- बड़ौत। कभी जीवनदायिनी मानी जाने वाली हिंडन और कृष्णा नदियां आज प्रदूषण के बढ़ते दबाव से अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। बागपत से होकर गुजरने वाली यमुना भी प्रदूषण से अछूती नहीं है। नदियों को साफ करने के लिए समय-समय पर अभियान और योजनाएं शुरू हुईं, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। विश्व नदी दिवस पर नदियों की मौजूदा स्थिति एक बार फिर चिंता का विषय बन गई है। धार्मिक आयोजनों के बाद पूजन सामग्री और अन्य अपशिष्ट नदियों में प्रवाहित करना भी प्रदूषण बढ़ाने का एक कारण है। वहीं चौगामा क्षेत्र में हिंडन और कृष्णा में फैक्ट्रियों व गंदे नालों का पानी पहुंचने से इनके पानी की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बीम...