वाराणसी, जुलाई 27 -- सारनाथ, संवाददाता। सारनाथ के पुरावशेषों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल होने से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगा। वैश्विक पर्यटन में खासी बढ़ोत्तरी होगी। सारनाथ सर्किल के पूर्व अधीक्षण पुरातत्वविद नीरज सिन्हा ने बताया कि यूनेस्को के वर्ल्ड हेरिटेज फंड से स्थल के रख रखाव, मरम्मत और संरक्षण के लिए विशेष आर्थिक सहायता मिलती है। साइट के संरक्षण के लिए दुनिया भर से शीर्ष वैज्ञानिक पुरातत्वविद और तकनीशियन मदद के लिए उपलब्ध होते हैं। बताया कि युद्ध, प्राकृतिक आपदा सहित अन्य संकट के समय स्थल को बचाने के लिए विशेष अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और प्राथमिकता मिलती है। इसके अलावा पर्यटक और शोधकर्ताओं की संख्या में खासी बढ़ोतरी होगी। यह भी पढ़ें- सारनाथ को यूनेस्को का ताज मिलने से राजगीर, नालंदा, बोधगया समेत पूरे बुद्ध सर्किट को मिले...