गोरखपुर, मार्च 22 -- गोरखपुर। मुख्य संवाददाता। गोरखपुर महानगर एक ओर शहर राप्ती-रोहिन नदी जैसे भरपूर सतही जल स्रोतों से घिरा है, वहीं दूसरी ओर पेयजल आपूर्ति के लिए भूमिगत जल (भूजल) पर निर्भरता बनी हुई है। महानगर में भूगर्भ जल संरक्षण एवं वैकल्पिक जलापूर्ति के लिए उत्तर प्रदेश जलनिगम (नगरीय) की करीब 1600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी सतही जल परियोजना बनी, लेकिन खर्च ज्यादा होने के कारण सहमति नहीं बन सकी। गोरखपुर महानगर में, जहां राप्ती नदी और रोहिन नदी जैसी नदियां बहती हैं, वहां सतही जल (सरफेस वॉटर) का उपयोग बढ़ाना समय की मांग है। महानगर में जलापूर्ति की वर्तमान व्यवस्था मुख्यतः ट्यूबवेल और बोरिंग के जरिए संचालित है। दूसरी ओर नगर निगम का जलकल विभाग महानगर की बढ़ती आबादी की पानी की मांग को पूरा करने के लिए हर साल नए ट्यूबवेल लगाए जा रहा हैं। ...