मिर्जापुर, जुलाई 10 -- चुनार। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चुनार के अर्थशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. चन्दन कुमार द्विवेदी ने कहा कि भारत की बढ़ती जनसंख्या चुनौती नहीं, बल्कि अवसर है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध कराया जाए तो यही जनसंख्या वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बन सकती है। उन्होंने कहा कि देश वर्तमान में जनसांख्यिकीय लाभांश के दौर से गुजर रहा है, जिसका लाभ तभी मिलेगा जब मानव संसाधन में निवेश बढ़ाया जाए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण, डिजिटल साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने की जरूरत है।कहा यह भी पढ़ें- आबादी को अवसर में बदलने का समय कि विश्व झजनसंख्या दिवस केवल जनसंख्या नियंत्रण का नहीं, बल...