मेरठ, मार्च 24 -- टीबी मुक्त बनाने के लिए जिले में एक जनवरी से घर-घर पहुंचकर टीमें हैंड हेल्ड एक्सरे मशीन से मरीजों में टीबी के लक्षणों की पहचान कर रही है। इस अभियान में एक जनवरी से 23 मार्च तक 3159 टीबी के नए मरीजों की खोज की गई है। वहीं पिछले वर्ष 2025 में टीबी मुक्त भारत अभियान में 19050 टीबी मरीजों की तलाश की गई थी। नई डिजिटल एक्सरे की व्यवस्था से ज्यादा और जल्द ही टीबी के मरीज पकड़ में आ रहे हैं। यह जानकारी जिला अस्पताल में वार्ता के दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विपुल कुमार ने दी। बताया कि पहले टीबी के समूल नाश की दिशा में एक बड़ी छलांग लगाई है। शासन से प्राप्त अत्याधुनिक पोर्टेबल एक्सरे मशीनों की मदद से अब स्वास्थ्य विभाग उन दुर्गम और हाईरिस्क इलाकों तक पहुंच रहा है। जहां पहले स्क्रीनिंग करना एक चुनौती थी। अब तकनीक सारथी बनी है तो...