वाराणसी, जनवरी 15 -- सारनाथ। विश्व शांति और कल्याण के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने गुरुवार को तथागत की प्रथम उपदेश स्थली धमेख स्तूप के समक्ष पूजा किया। इसके बाद मंगल पाठ किया। इस दौरान उन्होंने परम्परा क़े तहत भिक्षाटन किया। इसमें बौद्ध देशों के लगभग सौ से भी ज्यादा भिक्षु शामिल हुए। सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय धर्म चक्र पूजा की शुरुआत मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में धम्म देशना पाठ से हुई। इसका नेतृत्व धम्म शिक्षण केंद से संस्थापक अध्यक्ष भिक्षु चंदिमा कर रहे थे। पहले दिन का आयोजन महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया की ओर से किया गया। धम्म देशना पाठ के बाद महाबोधि सोसायटी के महासचिव भिक्षु पी शिबली थेरो हाथ में बुद्ध की प्रतिमा लेकर चल रहे थे। उनके आगे बौद्ध भिक्षु तिब्बती वाद्ययंत्र बजाते हुए चल रहे थे। उनके पीछे बौद्ध भिक्षु हाथों में भिक्षा पात्र लेकर चल रहे ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.