देहरादून, जुलाई 29 -- देहरादून। राष्ट्रीय पशु दिवस के अवसर पर बच्चों ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता, पर्यावरणीय संतुलन और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता के बारे में जाना। बुधवार को दून पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम का विषय भारत का 'राष्ट्रीय पशु: बंगाल टाइगर का संरक्षण और हमारी जिम्मेदारी' था। इस दौरान भूगोलवेत्ता डॉ सुरजीत सिंह खेरा ने कहा कि बंगाल टाइगर केवल भारत का राष्ट्रीय पशु नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक समृद्धि, शक्ति और गौरव का प्रतीक है। प्राचीन भारतीय साहित्य, लोककथाओं, कला और ऐतिहासिक अभिलेखों में बाघ का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त पुरावशेषों में भी बाघ की आकृतियां मिलती हैं, जो भारतीय संस्कृति से उसके प्राचीन संबंधों को दर्शाती हैं। यह भी पढ़ें- Barabanki News: अंतरराष्ट्रीय बाघ दिव...