पटना, मई 23 -- गंगा और अन्य जल निकायों की अविरलता और निर्मलता के लिए गंगा समग्र की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक डीएनएस क्षेत्रीय सहकारी प्रबंधन संस्थान में हुई। इसमें पिछले कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी वर्ष की योजनाएं तैयार हुईं। बैठक में 22 प्रांतों के प्रतिनिधि शामिल हुए। राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामाशीष ने कहा कि विश्व कल्याण के लिए गंगा का होना आवश्यक है। कहा कि शरीर में जैसे आत्मा का स्थान है, वैसे ही धरती पर उपलब्ध समस्त जल के लिए गंगा का स्थान है। गंगा समस्त जल की आत्मा है। अगर गंगा नहीं होगी तो धरती पर सम्पूर्ण जल खत्म होगा।उन्होंने यह भी पढ़ें- बैठक में गंगा की अविरलता और निर्मलता का लिया संकल्प कार्यकर्ताओं से कहा कि गंगा की मौजूदा स्थिति कई पीढ़ियों में हुई है। इसलिए इसका काम भी कई पीढ़ियों को सतत करना होगा। दीर्घकालीन रणन...