गुड़गांव, अप्रैल 1 -- गुरुग्राम। अब वह दौर धीरे-धीरे बदल रहा है, जब ऑटिज्म को समझने के बजाय छिपाया जाता था। गुरुग्राम में आज स्थिति यह है कि न सिर्फ अस्पतालों में ऐसे बच्चों की पहचान बढ़ी है, बल्कि स्कूलों में भी उन्हें मुख्यधारा में लाने की कोशिश तेज हुई है। इसके बावजूद चुनौतियां अब भी कम नहीं हैं। जागरूकता बढ़ने के साथ केस बढ़े हैं, लेकिन समय पर पहचान और सही मार्गदर्शन से सुधार की उम्मीद भी मजबूत हुई है। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के मौके पर शहर की जमीनी हकीकत यही बताती है कि गुरुग्राम में हर साल ऑटिज्म से जुड़े मामलों में इजाफा हो रहा है, पर अब अभिभावक भी पहले से अधिक सतर्क और जागरूक नजर आ रहे हैं। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नीना सिंह के अनुसार अस्पताल में लगातार ऑटिज्म से जुड़े बच्चों के केस सामने आ रहे हैं। इन बच्चों...