सोनभद्र, सितम्बर 9 -- सोनभद्र, संवाददाता। जिले में आत्महत्या से जुड़े मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में रोजाना औसतन करीब पांच-छह आत्महत्या के मामले पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को मानसिक स्थिति का आकलन और काउंसलिंग के लिए मनोचिकित्सक के पास भेजा जा रहा है। यह भी पढ़ें- किशोरों में आत्महत्या के प्रयास करीब तीन गुना बढ़ेआत्महत्या के प्रयासों की रोकथाम विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान, बातचीत और उपचार से आत्महत्या के प्रयास को रोका जा सकता है। प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आत्महत्या के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कलंक को कम करने और संकट में मौजूद व्यक्ति तक समय पर मदद पहुंचाना है। मनोचिकित्सा विभाग के सहायक ...