विश्व आईवीएफ डे : किलकारी की आस में लग रही दिल्ली-लखनऊ की दौड़, सालभर बाद भी उम्मीद अधूरी
अमरोहा, जुलाई 25 -- सरकारी इलाज के सहारे किलकारी की उम्मीद लिए जिले के नि:संतान दंपत्ति पंजीकरण कराने के बाद भी लखनऊ से दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के चक्कर ही लगा रहे हैं। इन अस्पतालों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग के बावजूद रोजाना ही हजारों नए मरीजों के आने से दंपत्तियों की उम्मीद सालभर बाद भी अधूरी ही है। आज विश्व आईवीएफ डे है। इसे विश्व एम्ब्रियोलॉजिस्ट दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस बार इसे विज्ञान, उम्मीद और माता-पिता बनने के सफर का जश्न थीम पर मनाया जा रहा है। आईवीएफ को भ्रूण प्रत्यारोपण भी कहते हैं, और इस तकनीक से जन्मे शिशु को टेस्ट ट्यूब बेबी कहा जाता है। यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं? विडंबनावश जिले के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में आईवीएफ की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुरादाबाद समेत दूसरे शहरों के निजी अस्पतालों में नि:सं...
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