प्रमुख संवाददाता, अगस्त 15 -- लोकार्पण के समय जिस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को देश की आधुनिक सड़क व्यवस्था की मिसाल बताया गया था, वह यातायात शुरू होने के महज एक महीने में ही जगह-जगह घायल नजर आने लगा है। 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर अब तक करीब 15 स्थानों पर सड़क धंसने और 24 स्थानों पर सीपेज की समस्या सामने आ चुकी है। कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ रही है तो कहीं बारिश का पानी सड़क की मजबूती पर सवाल खड़े कर रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का 13 जुलाई को लोकार्पण हुआ था और 14 जुलाई से आम वाहनों के लिए यातायात शुरू किया गया। शुरुआती दिनों में इसे लखनऊ और कानपुर के बीच तेज, सुरक्षित और सुगम आवागमन की नई कड़ी के रूप में प्रचारित किया गया। लेकिन, मानसून की दस्तक के साथ ही सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे। यह भी...