मथुरा, जून 10 -- जीएलए विश्वविद्यालय ने कदम बढ़ाकर विश्व की अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण वैश्विक सहयोग स्थापित किया है। इससे विवि में शिक्षा, शोध और नवाचार अब एआई तकनीक से लैस होंगे। विवि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण, शोध और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में विवि देशों के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में शामिल होगा। यह देश का न केवल पहला माइक्रोसाफ्ट जेनएआइ कैंपस बनेगा, बल्कि उत्तर भारत में भी पहला गूगल क्लाउड एजेंटिक कैंपस बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। जीएलए विवि में अब छात्र-छात्राएं पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक उद्योग आधारित एआइ तकनीकों, आटोमेशन, मशीन लर्निंग और डिजिटल इनोवेशन के वातावरण में सीख सकेंगे। माइक्रोसाफ्ट के सहयोग से यहां में बीटेक कंप्यूटरसाइंस एंड इंजीनियरिंग विद स्पेशलाइजेशन इन आर्टिफिशियल इ...