नई दिल्ली, मार्च 18 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता विश्वविद्यालयों में विकसित होने वाले छात्र नेतृत्व को अंततः राष्ट्र सेवा की दिशा मिलनी चाहिए। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले वर्षों में हम भारत की संसद और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं की और अधिक प्रभावी भागीदारी और नेतृत्व देखेंगे। उक्त विचार बुधवार को अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख (आरएसएस) सुनील आंबेकर ने डॉ. शोभा विजेंद्र द्वारा लिखित पुस्तक 'शतायु संघ और महिला सहभागिता' के लोकार्पण के अवसर पर व्यक्त किए। एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने आगे कहा कि शैक्षिक, सामाजिक, आर्थिक और समसामयिक विषयों पर सार्थक बौद्धिक जुड़ाव एक रचनात्मक विमर्श को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने इस पुस्तक को इस दिशा में एक विचारशील और सामयिक योगदान बता...