मुजफ्फरपुर, मई 12 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बिहार के विश्वविद्यालयों के हर सेमेस्टर में छात्र घट रहे हैं। नामांकन की तुलना में हर बार 30 प्रतिशत छात्र परीक्षा में कम बैठ रहे हैं। बीआरएबीयू समेत सभी विश्वविद्यालयों में हर वर्ष डेढ़ से पौने दो लाख छात्रों का दाखिला होता है, लेकिन परीक्षा में 90 हजार से एक लाख तक छात्र ही शामिल होते हैं। दाखिले के समय जितनी मारामारी रहती है, परीक्षा देने के समय पूरी तरह खत्म हो जाती है।

छात्रों की कमी के कारण बीआरएबीयू के डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह का कहना है कि छात्र जरूरी क्रेडिट पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस कारण परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। कई छात्र नामांकन लेने के बाद भी गायब हो जाते हैं। कक्षा में कभी नहीं आते, इसलिए भी संख्या कम हो रही है। डीएसडब्ल्यू ने कहा कि सीबीसीएस में शिक्...