बांका, मार्च 6 -- कटोरिया (बांका), निज प्रतिनिधि। जमदाहा ओपी क्षेत्र के पटवारा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महाज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान मथुरा-वृंदावन धाम से पधारे कथावाचक संत भगवत शरण महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन तथा राजा परीक्षित मोक्ष की कथा का विस्तार से वर्णन किया। कथावाचक ने बताया कि बहेलिया के तीर लगने के बाद द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण के अंतिम समय में सबसे पहले उनके आयुध-शंख, चक्र, गदा और पद्म उनसे अलग हो गए। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का शरीर द्वारिका से समुद्र के रास्ते बहते हुए जगन्नाथपुरी पहुंचा। भगवान की प्रेरणा से लकड़ी के समान हो चुके उसी शरीर को देव शिल्पी विश्वकर्मा ने भगवान जगन्नाथ के स्वरूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि निस्वार्थ भाव और पूर्ण विश्वा...