सहरसा, फरवरी 2 -- सहरसा, निज प्रतिनिधि। केंद्रीय आम बजट विश्लेषकों की राय में मिला जुला रहा। अर्थशास्त्री डॉ. मंजू पौद्दार ने कहा कि विश्व स्तर पर अभी जो हालात हैं उसे देखते हुए दूरगामी परिणाम वाला यह बजट है। जिससे कुछ चीजें सस्ती तो कुछ महंगी होगी। कस्टम ड्यूटी कम किए जाने से निर्यात बढ़ेगा। कैंसर, डायबिटीज जैसी दवाइयां सस्ती होने से मरीजों की जीवनरक्षा होगी। प्रसिद्ध दवा व्यवसायी व आयकर विश्लेषक ओमप्रकाश खेमका ने कहा कि व्यवसायियों और नौकरीपेशा लोगों को केंद्रीय बजट से आयकर और जीएसटी में राहत मिलने की उम्मीद थी, जो पूरा नहीं हुआ। भविष्य की सोच वाला बजट इसे कहा जा रहा जबकि वर्तमान में राहत की जरूरत है। बजट में खास दम नहीं रहने के कारण शेयर बाजार भी काफी तेजी से गिर गया। आरएम कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ललित नारायण मिश्र...