विशेष - शिक्षक दिवस मास्टर साहब से डिजिटल टीचर तक, बदल गया पढ़ाने का तरीका
रांची, सितम्बर 3 -- एक समय था जब सरकारी स्कूल की कक्षा में शिक्षक, ब्लैकबोर्ड और चॉक ही पढ़ाई के सबसे बड़े साधन हुआ करते थे। शिक्षक बोर्ड पर लिखते जाते और बच्चे अपनी कॉपी में उसे उतारते थे। रांची के स्कूलों की कक्षाओं में अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। कहीं स्मार्ट बोर्ड पर पाठ पढ़ाया जा रहा है तो कहीं वीडियो और डिजिटल कंटेंट के जरिए कठिन विषयों को आसान बनाया जा रहा है। विद्यार्थियों की उपस्थिति से लेकर शिक्षकों की ट्रेनिंग तक, शिक्षा व्यवस्था में डिजिटल तकनीक की दखल बढ़ी है। यह भी पढ़ें- किताब के पन्ने नहीं पढ़ाता, जीवन को समझने की दृष्टि देता है शिक्षकशिक्षकों की नई भूमिका अब शिक्षक सिर्फ किताब खोलकर पाठ नहीं पढ़ाते, बल्कि जरूरत के मुताबिक मोबाइल, ऑनलाइन सामग्री, वीडियो और दूसरे डिजिटल संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यही बदलाव धीरे-ध...
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