सीवान, अगस्त 1 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में विशेष भू सर्वेक्षण अभियान के तहत जमीनों की पैमाइश, पुराने नक्शों व खातियान का मिलान कर डिज़िटल रिकॉर्ड तैयार हो रहा है। इसका उद्देश्य भूमि विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करना व असली मालिकों की पहचान सुनिश्चित करना है। सर्वेक्षण के दौरान वंशावली व रैयतों द्वारा दिए गए कागजातों की पुख्ता व पारदर्शी जांच की जा रही है।

सर्वेक्षण का उद्देश्य साथ ही सभी पुराने व नए अभिलेखों को सुरक्षित करने के लिए डिजिटल डेटा तैयार किया जा रहा है, ताकि विवादों का अंत हो। वहीं, भूमि सीमांकन, बंटवारे व मालिकाना हक से जुड़े झगड़ों में कमी लाना है। बहरहाल, सीवान जिला में वर्ष 1917 के बाद किसी प्रकार का भू-सर्वेक्षण नहीं हुआ है। इससे लोगों में जन-जागरुकता की काफी है।

डिजिटल रिकॉर्डिंग यही कारण है कि करीब 19 ...