मेरठ, अप्रैल 15 -- शास्त्रीनगर स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब सेक्टर तीन में बैसाखी पर विशेष कीर्तन समागम का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में संगत ने पहुंचकर गुरबाणी का आनंद लिया और मत्था टेका। समागम में सिमरप्रीत सिंह (बीबी कोलां, अमृतसर) और भाई बलबीर सिंह (हजूरी रागी, गुरुद्वारा साहिब) ने मधुर गुरबाणी कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को भाव-विभोर कर दिया। सिमरप्रीत सिंह ने 'वाहो-वाहो गोबिंद सिंह आपे गुरु चेला' शब्द का गायन किया, जबकि बलबीर सिंह ने 'अमृत नाम निधान है मिल पिवौ भाई' शबद से संगत को निहाल किया। बैसाखी पर्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 13 अप्रैल 1699 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह भी पढ़ें- बैशाखी पर सजा भव्य कीर्तन-दरबार, संगत हुई निहाल इस दिन को 'खालसा साजना दिवस' के रूप में भी म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.