विशेषज्ञ की राय:विकास की रफ्तार और दिल्ली की पर्यावरणीय क्षमता के बीच संतुलन जरूरी
नई दिल्ली, अगस्त 12 -- नई दिल्ली। प्रमुख संवाददाता दिल्ली में स्वीकृत मास्टर प्लान-2047, मेट्रो विस्तार, भवन उपविधियों में सुधार, पुनर्विकास तथा भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े निर्णय राजधानी के भविष्य के शहरी विकास को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कदम हैं। पर्यावरणीय दृष्टिकोण से देखें तो इन निर्णयों में सतत शहरी परिवहन, भूमि के बेहतर उपयोग, हरित अवसंरचना और संसाधन दक्षता की दिशा में कई सकारात्मक संभावनाएं दिखाई देती हैं। यह भी पढ़ें- यमुना डूब क्षेत्र को हराभरा बनाकर प्रदूषण करेंगे कममहत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू सबसे महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर का विस्तार है। सार्वजनिक परिवहन की क्षमता बढ़ने से निजी वाहनों पर निर्भरता, यातायात जाम, ईंधन खपत और परिवहन-जनित वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। नरेला जैसे तेजी ...
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