प्रयागराज, मई 3 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में मध्यस्थता (मेडिएशन) पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों को विवाद समाधान की प्रक्रिया के बुनियादी सिद्धांतों और व्यावहारिक तकनीकों से अवगत कराया गया। कार्यशाला के समापन सत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में मध्यस्थता की परंपरा पहले से रही है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां विवाद आपसी सहमति से सुलझाए जाते रहे हैं। कुलपति प्रो. उषा टंडन ने कहा कि मध्यस्थता एक सुलभ और प्रभावी विवाद समाधान पद्धति है, जो संवाद और आपसी समझ के माध्यम से समाधान खोजने में मदद करती है। यह भी पढ़ें- नेशनल लॉ फेस्ट का विजेता बना दिल्ली विश्वविद्यालय कार्यशाला में चार...
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