फतेहपुर, अप्रैल 3 -- फतेहपुर। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों बदहाली के दौर से गुजर रही है। ग्रामीण इलाकों में बेहतर इलाज का दावा करने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार नजर आ रहे हैं। आलम यह है कि करोड़ों की लागत से बनी इमारतों में आधुनिक मशीनें तो हैं, लेकिन उन्हें चलाने वाले विशेषज्ञ डाक्टर नदारद हैं। बिन्दकी, जहानाबाद, अमौली और खागा समेत ज्यादातर सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और एनेस्थेटिक्स के पद खाली पड़े हैं, जिसके चलते पूरी स्वास्थ्य सेवा केवल फिजिशियन और फार्मासिस्टों के भरोसे टिकी है। सीएचसी में आने वाले गंभीर मरीजों, प्रसूताओं और घायलों व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद सीधे जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। इस रेफरल खेल के कारण गरीब मरीजों को निजी अस...