वाराणसी, जुलाई 16 -- वाराणसी। वंदेमातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को हुए ऐतिहासिक आयोजन में काशी की भी सशक्त हिस्सेदारी रही। देश के 150 शहरों में एक ही दिन एक ही समय पर हुई नाट्य प्रस्तुतियों की शृंखला की एक कड़ी 'तरंग-तरंग तिरंगा बोले' नाटक बना। यह मंचन रवींद्रपुरी स्थित आचार्य रामचंद्र शुक्ल साहित्य शोध संस्थान में हुआ। नाटक में राष्ट्रगीत वंदेमातरम् एवं राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के प्रति भारतीयों के असीम प्रेम, त्याग, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। प्रकाश और संगीत संयोजन से अतिरिक्त प्रभाव भी उत्पन्न किया गया। नाटक में वंदेमातरम् की गरिमा एवं राष्ट्रीय महत्व को विशेष प्राथमिकता दी गई। यह भी पढ़ें- काकोरी के अमर शहीदों की गाथा ने दर्शकों को किया भावुक नाटक का लेखन मंजीत चतुर्वेदी ...