आरा, अगस्त 10 -- आरा। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो. बलिराज ठाकुर ने प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते हुए इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रतिकूल बताया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता समाप्त करने वाला है, जिससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होगी। प्रो. ठाकुर ने सरकार से अपील की कि ऐसे प्रस्तावित विधेयक को विधानसभा में पेश नहीं किया जाए। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक और निंदनीय करार देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मामलों में पर्याप्त स्वायत्तता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था के हित में सरकार को इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना आवश्यक है। यह भी पढ़ें- कॉलेजों को सरकारी नियंत्रण में लेने के खिलाफ शिक्षकों और कर्मियों का प्रदर्शन यह भी पढ़...