मोतिहारी, फरवरी 5 -- मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के सेल फॉर पर्सन्स विद डिसएबिलिटीज के तत्वावधान में 'भारत में दिव्यांगों का भविष्य' विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर में गरिमामय वातावरण में हुआ। यह सम्मेलन समावेशी शिक्षा, गरिमा-केंद्रित विकास तथा दिव्यांगजनों के अधिकारों और सहभागिता को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अकादमिक एवं सामाजिक पहल के रूप में सामने आया। उद्घाटन सत्र में मुख्य प्रॉक्टर प्रो. प्रसून दत्त ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हमें किसी भी व्यक्ति को उसकी शारीरिक सीमाओं के आधार पर नहीं, बल्कि आत्मा के गुणों के आधार पर समझना चाहिए। उन्होंने भारतीय चिंतन और मनीषा का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति दिव्यांगता को दुर्बलता नहीं, बल्कि विश...