विवाह में दहेज नहीं, संस्कार और सम्मान को दें प्राथमिकता
भभुआ, अगस्त 13 -- शिक्षित और संस्कारी संतान ही परिवार की सबसे बड़ी पूंजी: स्वामी जी माता-पिता की सेवा और परमात्मा की भक्ति से सार्थक होता है मानव जीवन (पेज चार की बॉटम खबर) भभुआ, नगर संवाददाता। सदर प्रखंड के परसियां स्थित चातुर्मास महामहोत्सव में श्री लक्ष्मी प्रपन्न जियर स्वामी जी महाराज ने श्रद्धालुओं को परिवार, विवाह, संतान के संस्कार और मानव जीवन के उद्देश्य का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- विवाह में दहेज नहीं, संस्कार और सम्मान को दें प्राथमिकताविवाह का महत्व उन्होंने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कारों का मिलन है। इसलिए विवाह में दहेज, दिखावा और अनावश्यक खर्च के बजाय आपसी सम्मान, प्रेम और संस्कार को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटे और बेटी को समान रूप से शिक्षित और संस्कारी बनाना माता-पिता क...
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