गाजीपुर, अप्रैल 13 -- सैदपुर, हिन्दुस्तान संवाद। नगर के बूढ़े महादेव मंदिर के पास आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने जनकपुरी के अद्भुत सौंदर्य, माता सीता के गौरी पूजन, पुष्प वाटिका प्रसंग और भगवान श्रीराम के जनकपुरी भ्रमण का मनोहारी वर्णन किया। आचार्य शांतनु महाराज ने मां जानकी की विदाई को संयोग और वियोग के भावों से जोड़ते हुए माता-पिता और बेटी के रिश्ते की गहराई को दर्शाया। कहा कि विवाह केवल उत्सव नहीं, बल्कि त्याग और भावनाओं का संगम है। चौथे दिन कथा सुनने पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय भी पहुंचे। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि विवाह से पहले व्यक्ति को अपने भीतर के अहंकार को समाप्त कर लेना चाहिए, तभी पारिवारिक जीवन सुखमय बनता है। यह भी पढ़ें- बेटी के विदाई का शांतनु महाराज ने किया मार्मिक ...
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