वाराणसी, मार्च 25 -- वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। राजघाट स्थित वसंत महिला महाविद्यालय के हिन्दी विभाग में दो दिवसीय संगोष्ठी हुई। लखनऊ के बौद्ध शोध संस्थान के सहयोग से आयोजित संगोष्ठी में पहले दिन 'वरुणा संवाद: महात्मा बुद्ध और नदियों के संदर्भ: हमारी चिंताएं और वरुणा नदी' विषय पर चर्चा की। प्रो. शिव बहादुर सिंह ने कहा कि नदियां हमारे लिए केवल जलधाराएं नहीं है बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की घाटी हैं, हमारी अध्यात्मिक चेतना की प्रतीक हैं। आज नदियां विशेष कर छोटी नदियां विलुप्त होती जा रही हैं।प्रो. सदानंद शाही ने कहा कि इस पृथ्वी के नागरिक मनुष्य मात्र ही नहीं हैं अपितु वन, जीव तथा प्रकृति भी हैं। उनके प्रति भोग की कामना को नियंत्रित कर के ही मनुष्य वास्तव में मनुष्य बन सकता है। सत्र की अध्यक्षता हिंदी साहित्य के विद्वान प्रो. अवधेश प्र...
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