नई दिल्ली, फरवरी 27 -- आलोक शर्मा,राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस जब से मोदी सरकार सत्ता में आई है और कोई भी उसकी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे खामोश करने की कोशिश की जाती है। कोई किसी विधेयक के खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे देशद्रोही कह दिया जाता है; कोई मुस्लिम आवाज उठाता है, तो उसे पाकिस्तान जाने की नसीहत दी जाने लगती है; कोई पढ़ा-लिखा किसी मुद्दे पर विरोध जताता है, तो वह 'अर्बन नक्सल' हो जाता है; युवा रोजगार मांगते हैं, तो पुलिस की लाठियों से पीटे जाते हैं। आज जो हालात बने हैं, वे बहुत सारे मुद्दों के इकट्ठे होने से बने हैं। देश के युवा मोदीजी में अपना भविष्य देख रहे थे। अब इन नौजवानों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। बेरोजगारी का आलम यह है कि आईआईटी जैसे श्रेष्ठतम संस्थानों से 'प्लेसमेंट' के बारे में बहुत सकारात्मक संकेत नहीं आ र...