नई दिल्ली, फरवरी 4 -- जब बात कैंसर की होती है, तो व्यक्ति इसे अक्सर 'किस्मत का खेल' या 'जेनेटिक विरासत' मानकर हाथ पर हाथ धरे बैठ जाता है। लेकिन क्या वाकई हमारे पूर्वजों के जीन ही हमारी सेहत की किस्मत लिखते हैं, या फिर हमारी थाली का खाना और बेपटरी हुई जीवनशैली असली विलेन होती है? आज दुनियाभर में वर्ल्ड कैंसर डे 2026 मनाया जा रहा है। हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस (World Cancer Day 2026) मनाने के पीछे लोगों को इस जानलेवा रोग के प्रति जागरूक करना उद्देश्य है। कैंसर किसी एक कारण से नहीं होता। यह एक मल्टीफैक्टोरियल बीमारी है, यानी कई कारण मिलकर धीरे-धीरे इसके खतरे को बढ़ाते हैं। आम तौर पर लोग सोचते हैं कि या तो फैमिली हिस्ट्री जिम्मेदार है या फिर खराब लाइफस्टाइल। लेकिन सीके बिरला अस्पताल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. मनदीप सिंह मल्होत्रा कहते हैं कि...
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