श्रावस्ती, जुलाई 1 -- श्रावस्ती,संवाददाता। बौद्ध स्थली श्रावस्ती में मंगलवार को वियतनामी 40 सदस्यीय दल जेतवन में पहुंच कर बौद्ध भिक्षु देवानंद के अध्यक्षता में बौद्ध वृक्ष पर अपने रीति रिवाज में पूजा अर्चना किया। पूजा के दौरान भिक्षु देवानंद ने कहा कि बौद्ध धर्म में वर्षावास का विशेष महत्व है। वर्षावास काल व्यतीत करने वाले भिक्षु एक ही स्थान पर रहकर ध्यान-साधना और पूजा-अर्चना करते हैं। इस दौरान भिक्षु विचरण नहीं करते। भिक्षु को एक स्थान पर रहकर बुद्ध के करुणा, शील और त्याग के सिद्धांतों का पूर्ण रूप से पालन करना होता है। अपना सारा समय लोगों की भलाई और तपस्या में लगाना होता है। विचरण न करने के पीछे मान्यता है कि वर्षा ऋतु में कई तरह के छोटे-छोटे जीव जन्म लेते हैं जो विचरण करने से पैर से दब सकते हैं। इससे जीव की हत्या होती है। इससे बचने के ...