नई दिल्ली, जून 4 -- नई दिल्ली, हिन्दुस्तान ब्यूरो। केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के विमान ईंधन (एटीएफ) मूल्य स्थिरीकरण कोष को मंजूरी देने के एक दिन बाद स्पष्ट किया है कि इस योजना में शामिल होना घरेलू विमानन कंपनियों के लिए अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही सरकार ने एटीएफ की एक मानक कीमत भी तय कर दी है।

समझौते के बाद तय दर पर ईंधन लेना होगा एक बार किसी एयरलाइन ने तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर दिए, तो उसे तय दरों पर ही ईंधन खरीदना होगा, भले ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें बाद में कम क्यों न हो जाएं। योजना से बाहर निकलने के लिए एयरलाइन को अपने सभी बकाया भुगतान पहले चुकाने होंगे।

अलग-अलग शहरों में अलग होगी कीमत राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले करों के कारण एटीएफ की कीमत हर शहर में अलग होगी। उदाह...