हजारीबाग, जुलाई 27 -- हजारीबाग, शिक्षा प्रतिनिधि। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा सोमवार को विज्ञान भवन के आर्यभट्ट सेमिनार हॉल में पार्किन्सनिज्म एवं आधुनिक युग में फिजियोथेरेपी की भूमिका विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता एम्स, नई दिल्ली के न्यूरो रिहैबिलिटेशन विभाग के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ प्रभात रंजन ने पार्किन्सनिज्म की प्रारंभिक पहचान, वैज्ञानिक मूल्यांकन, संतुलन एवं चाल प्रशिक्षण तथा साक्ष्य-आधारित फिजियोथेरेपी की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में दक्षता प्राप्त करने के लिए एकाग्रता, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पित प्रयास आवश्यक हैं।

फिजियोथेरेपी का बढ़ता दायरा वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट, झारखंड स्टेट काउंसिल ऑफ फिजियोथेरेपी के रजिस्ट्रा...