सहारनपुर, अगस्त 14 -- जनता इंटर कॉलेज में छठवें विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर गोष्ठी आयोजित की गई। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा, कि देश के विभाजन के दौरान हुई जन-धन की भारी क्षति और विस्थापन की पीड़ा को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, कि विभाजन के समय बड़ी संख्या में लोगों को अपने घर, खेत और पैतृक संपत्ति छोड़कर शरणार्थी के रूप में जीवन बिताना पड़ा था। यह त्रासदी देश के इतिहास का ऐसा काला अध्याय है, जिसे याद रखना जरूरी है। उन्होंने कहा, कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 से विभाजन की विभीषिका में हताहत हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने की शुरुआत की। यह भी पढ़ें- विभाजन की कठिन परिस्थितियों के बारे में दी जानकारी इसी क्र...