विभाजन का दर्द आज भी जिंदा, शरणार्थी परिवारों ने संघर्ष से लिखी नई इबारत
बाराबंकी, जून 19 -- बाराबंकी। अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी दिवस पर 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की त्रासदी झेल चुके परिवारों की यादें एक बार फिर ताजा हो गईं। जिले के लाजपत नगर समेत शहर के विभिन्न इलाकों में आज भी करीब 10 ऐसे परिवार निवास कर रहे हैं, जिनके पूर्वज विभाजन के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित होकर बाराबंकी आए थे। इन परिवारों ने अपना घर, जमीन-जायदाद और वर्षों की जमा पूंजी तो खो दी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और कठिन संघर्ष के बल पर नई जिंदगी बसाई। वर्तमान समय में देश के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। शहर में करीब 10 विस्थापित परिवारों में लाजपत नगर निवासी स्व. सरदार जगजीत सिंह का परिवार भी उन्हीं परिवारों में शामिल है। उनका जन्म तत्कालीन पंजाब प्रांत के गुजरांवाला जिले में हुआ था। विभाजन के समय परिवार को अपना घर छोड़कर भारत ...
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