सिद्धार्थ, अप्रैल 3 -- सिद्धार्थनगर। शिक्षकों की सेवानिवृत्ति, मात्र शासकीय और विभागीय नियमों से मुक्ति का नाम है। वास्तव में शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। वह सदैव अपने ज्ञान, संस्कार, आचरण और अनुभव से सभ्य समाज और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देता है, इसलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता और मार्गदर्शक कहा जाता है। ये बातें बेसिक शिक्षा अधिकारी शैलेश कुमार ने कही। वह ब्लॉक संसाधन केंद्र बर्डपुर के सभागार मेंआयोजित सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सेवानिवृत्त शिक्षक शमशुलहक, जग्गल प्रसाद, कृष्णानंद, भारत प्रसाद को फूल माला पहनाकर एवं बैज अलंकरण के पश्चात शॉल, संपूर्ण अंगवस्त्र, धार्मिक ग्रंथ, पेन, डायरी आदि भेंट कर सम्मानित किया। वित्त एवं लेखाधिकारी अभिनय कुमार सिंह, बीईओ रामू प्रसाद समेत शिक्षक न...