नोएडा, मार्च 7 -- नोएडा। सेक्टर-12 निवासी राष्ट्रीय महिला दिव्यांग तीरंदाज लोरी गोंड विपरित परिस्थितियों में भी पदकों की चमक से प्रदेश का मान बढ़ा रही हैं। नए धनुष और तीर के अभाव में भी सटीक निशाना लगा रही हैं। एक महीने पहले पटियाला में आयोजित राष्ट्रीय पैरा तीरंदाजी प्रतियोगिता में लोरी ने टीम स्पर्धा में रजत और एकल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। तीरंदाजी में आने से पहले वह कराटे की राष्ट्रीय खिलाड़ी थीं। कई पदक अपने नाम किया था, लेकिन सात साल पहले सड़क दुर्घटना में एक पैर कटने के बाद उन्होंने तीरंदाजी को अपनाया। पिता पत्तल और दोना की सप्लाई दुकान-दुकान करते हैं। आर्थिक कमजेारी के कारण लोरी नया धनुष और तीर नहीं ले पा रही हैं। उनका कहना है कि नया धनुष और तीर मिलने की स्थिति में प्रदर्शन और भी बेहतर होगा। अब वह एशियन पैरा तीरंदाजी के ट्र...
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