देहरादून, अप्रैल 1 -- देहरादून। वरिष्ठ संवाददाता रायपुर रोड स्थित लाडपुर क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य शिवप्रसाद ममगांई ने कपिल-देवहुति प्रसंग पर प्रवचन दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि विपत्ति ही मनुष्य को अपने और पराए की सही पहचान कराती है। सुख के समय हर कोई साथ दिखाई देता है, लेकिन कठिन समय ही सच्चे संबंधों की परीक्षा लेता है।उन्होंने भगवान कपिल द्वारा माता देवहुति को दिए गए सांख्य ज्ञान का उल्लेख करते हुए कहा कि "जो दुःख में साथ दे वही ईश्वर के समान है और जो केवल सुख में साथ रहे वह सामान्य जीव है।" इसलिए विपत्ति को केवल समस्या नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और पहचान का अवसर भी समझना चाहिए।आचार्य ममगांई ने आगे कहा कि यदि जीवन में सरलता और विनम्रता का अभाव है, तो वह जीवन उस पके फल के समान है जो देखने में आ...