नई दिल्ली, अक्टूबर 6 -- मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ी और देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लामबंद 'इंडिया' ब्लॉक के लगभग 150 सांसदों का मार्च अपनी नाटकीयता से मंगलवार को न सिर्फ पूरे दिन मीडिया में छाया रहा, बल्कि गांव-गांव तक अपने मुद्दे को पहुंचाने में सफल भी हो गया। क्या निर्वाचन आयोग हालात के आकलन में लगातार चूक कर रहा है? क्या वह इस मुद्दे को बेहतर तरीके से नहीं निपटा सकता था? निस्संदेह! वह ऐसा करने में सक्षम है, पर उसने न सिर्फ विपक्षी पार्टियों को सियासत का एक बड़ा मसला मुहैया करा दिया, बल्कि आम मतदाताओं के मन में कुछ सवाल भी पैदा कर दिए। 23 सितंबर को एक अखबार में यह खबर शाया हुई थी कि आयोग के दो चुनाव आयुक्तों की कथित आपत्तियों को दरकिनार कर मुख्य चुनाव आयुक्त ने एसआईआर को लेकर मनमाने ...