नई दिल्ली, अप्रैल 20 -- लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक का संसद में पारित न होना बताता है कि कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों की महिलाओं के प्रति कैसी मानसिकता है। एक बार फिर राजनीतिक दलों के स्वार्थ और उनकी राजनीति ने आधी आबादी को उनके अधिकारों से वंचित कर दिया। विपक्ष की वास्तविक मंशा यही रही कि एनडीए सरकार को इसका श्रेय और राजनीतिक लाभ न मिले। विपक्षी दल प्रायः सभी मुद्दों पर ऐसा ही करते हैं और सरकार से उलझते रहते हैं। नतीजतन, किसी मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन पाती है। सरकार की नीतियों और क्रियाकलापों पर विपक्ष विश्वास ही नहीं करता है। आज तक कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने एकाध मामलों को छोड़कर सरकार के किसी भी विधेयक का समर्थन नहीं किया है। संवेदनशील और जनहित संबंधी विधेयकों पर विपक्ष...
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