लखनऊ, अप्रैल 17 -- विकासनगर स्थित विनायकपुरम में महज 18 बिजली कनेक्शनों के जरिए 200 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों को रोशन थी। इसके बावजूद लेसा की विजिलेंस या स्थानीय टीम ने कभी मौके पर जाकर चेकिंग करने की जहमत नहीं उठाई। बुधवार को हुए भीषण अग्निकांड ने विभागीय उदासीनता और संवेदनहीनता की पोल खोलकर रख दी है। तकनीकी रूप से देखें तो एक सामान्य घरेलू कनेक्शन पर इतनी बड़ी संख्या में झोपड़ियों का भार डालना न केवल अवैध है, बल्कि यह क्षेत्र के ट्रांसफार्मर और एलटी लाइनों के लिए भी बेहद जोखिम भरा है। गुरुवार को विभागीय टीम जब मौके पर पहुंची तो लेसा के उच्च अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए बताया कि ये सभी 18 कनेक्शन प्रीपेड मीटर के जरिए दिए गए हैं। यह भी पढ़ें- लखनऊ में स्मार्ट मीटर पर महिलाओं का फूटा गुस्सा, इंदिरानगर उपकेंद्र से अफसरों को पैदल ले गईं...