विनम्रता, प्रेम-सद्भाव की ओर प्रेरित करता है मृत्यु का स्मरण : राजन
बलिया, जून 26 -- सुखपुरा, हिन्दुस्तान संवाद। बेरूआरबारी क्षेत्र के भगवान दास मंदिर (करिहरा) में बाबा अमरनाथ सेवा समिति की ओर से बांसडीह विधायक केतकी सिंह के संयोजन में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन गुरुवार को कथा वाचक राजनजी महाराज ने भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग सुनाया। राजन जी ने कहा कि माता कौशल्या, महर्षि वशिष्ठ और महाराज दशरथ उन सौभाग्यशाली व्यक्तित्वों में थे, जिन्होंने श्रीराम के दिव्य स्वरूप को पहचान लिया था। वे जानते थे कि अयोध्या में जन्मा यह बालक कोई साधारण मानव नहीं, बल्कि स्वयं परमब्रह्म का अवतार है। फिर भी उन्होंने मर्यादा, धर्म और कर्तव्य के आदर्शों का पालन करते हुए संसार को जीवन जीने की श्रेष्ठ राह दिखाई। कहा कि जो व्यक्ति यह स्वीकार कर लेता है कि एक दिन उसे इस संसार से जाना है, उसके जीवन, परिवार और समाज में विरोध तथा ...
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