वाराणसी, अप्रैल 18 -- वाराणसी। भाजपा को अपने ही संशोधन विधेयक पर करारी पराजय का सामना करना पड़ा है। इस विधेयक का खारिज होना लोकतंत्र की जीत है। यह बात चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कही। शुक्रवार रात जारी बयान में उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार महिला आरक्षण के संवेदनशील विषय को ढाल बनाकर संसदीय क्षेत्रों के परिसीमन के मुद्दे को बिना व्यापक सहमति के आगे बढ़ाना चाहती थी। उसने लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी करते हुए जल्दबाज़ी में तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर इसे मनमाने ढंग से पारित कराने की कोशिश की। वर्ष 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो चुका था। इसमें स्पष्ट रूप से जातिगत जनगणना के उपरांत परिसीमन की प्रक्रिया प्रस्तावित थी। यह भी पढ़ें- यह एक बहुत ही जबरदस्त जीत, संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर बोले शशि थरूर उन्होंने कहा क...
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